नगरीय निकाय और पंचायती राज चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं को साइबर ठगी से सावधान रहने की सलाह दी गई है। साइबर ठग वोटर लिस्ट में नाम देखने, मतदान केंद्र बदलने या वोटर कार्ड अपडेट करने के नाम पर लोगों को फर्जी लिंक भेजकर अपना शिकार बना सकते हैं।
ऐसे में किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बैंक खाते को नुकसान पहुंचा सकती है।
वोटर लिस्ट में नाम देखने के नाम पर भेजे जा सकते हैं फर्जी लिंक
साइबर ठग मतदाताओं को लुभावने मैसेज भेजकर फर्जी वेबसाइट या लिंक पर ले जाने की कोशिश कर सकते हैं। मैसेज में वोटर लिस्ट में नाम देखने या मतदान केंद्र बदलने जैसी जानकारी का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी वेबसाइट की विश्वसनीयता जांचे बिना अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
अधिकारी बनकर फोन करने वालों से रहें सावधान
साइबर ठग खुद को अधिकारी बताकर फोन भी कर सकते हैं। वोटर कार्ड के सत्यापन या अपडेट के नाम पर आपसे जानकारी मांगी जा सकती है।
किसी भी स्थिति में OTP, बैंक खाते की जानकारी या अन्य संवेदनशील जानकारी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
चुनाव के दौरान फर्जी वीडियो और ऑडियो से भी रहें सावधान
चुनाव के दौरान नेताओं और प्रत्याशियों के नाम से फर्जी भाषण, ऑडियो, वीडियो और अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा सकती है। ऐसी किसी भी सामग्री को आधिकारिक पुष्टि के बिना आगे फॉरवर्ड न करें।
प्रत्याशी और कार्यकर्ता सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा का ध्यान रखें और जरूरत पड़ने पर पासवर्ड बदलें।
डीपफेक वीडियो और ऑडियो के नाम पर भी हो सकती है ठगी
साइबर ठग प्रत्याशियों के नाम से डीपफेक वीडियो या ऑडियो तैयार करके उन्हें वायरल करने का डर दिखाकर पैसे मांग सकते हैं। ऐसे मामलों में घबराने के बजाय पहले संबंधित व्यक्ति या आधिकारिक स्रोत से जानकारी की पुष्टि करें।
चंदे के नाम पर फर्जी लिंक से बचें
चुनाव के दौरान चंदे के नाम पर भी फर्जी लिंक भेजे जा सकते हैं। किसी व्यक्ति या प्रत्याशी के नाम का इस्तेमाल करके लोगों से पैसे मांगे जा सकते हैं।
इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक के माध्यम से भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि जरूर करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है या आपको किसी संदिग्ध लिंक/मैसेज के जरिए ठगी का प्रयास किया जाता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
साइबर हेल्पडेस्क नंबर:
- 9256001930
- 9257510100
निष्कर्ष
चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट, मतदान केंद्र, वोटर कार्ड अपडेट और चुनावी जानकारी के नाम पर आने वाले अनजान मैसेज और लिंक से सावधान रहें। OTP और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और बिना पुष्टि के कोई लिंक न खोलें।

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